
आपको बता दें कि सिकंदरा के गांव महल में मुस्कान की शादी हाल ही में तय हुई थी। परिवार के लोग मुस्कान की शादी की तैयारियों में जुटे थे। परिवार एक नवंबर को देवोत्थान पर उसकी शादी करना चाहता था। दादा विजय सिंह ने बताया कि रात को काम से घर आने के बाद पांचों बेटियां अपने पिता को ऑनलाइन साइट से पसंद के कपड़े दिखाती थीं। परिवार के अन्य सदस्य भी शादी की तैयारियों में जुटे थे। इससे पहले मंगलवार को उसकी मौत हो गई थी।
मां कांता सुबह सत्संग सुनने गई थी। पिता सुरेश मजदूरी करने गए थे। बेटियों की मौत की खबर सुनते ही वह नंगे पांव घर की ओर दौड़े। पति-पत्नी दोनों एक ही बात कह रहे थे कि बेटी की शादी का सपना अधूरा रह गया। इतने दिनों से सपने संजोए थे। सब पल भर में खत्म हो गए। यमुना में हुए हादसे से एक दिन पहले मुस्कान ने अपनी चचेरी बहन और मौसी के साथ नदी में रील बनाई थी। उन्होंने सेल्फी ली थी। यमुना नदी में रील बनाते हुए उनका वीडियो वायरल हुआ है। दीपेश ने बताया कि बहनें अक्सर वीडियो बनाने नदी पर जाती थीं। मौसी और चचेरी बहन के यमुना पार से आने के बाद वे सोमवार को भी यमुना में नहाने गई थीं। तब उन्होंने कई रील बनाई थीं। मंगलवार को भी वह अपना मोबाइल साथ ले गई थी। परिजन यह नहीं बता पाए कि रील मंगलवार को हुए हादसे से पहले बनाई गई थी या नहीं।

यमुना नदी में छह लड़कियों के डूबने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सचिवालय से फोन घनघनाने लगे। लखनऊ से घटना की जानकारी ली गई। कई थानों की फोर्स के साथ अफसर मौके पर पहुंच गए। तहसील स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि अभी वे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बच्चियों के दादा व अन्य परिजनों को समझाया कि यदि पोस्टमार्टम नहीं कराया तो मुआवजा मिलने में दिक्कत आएगी। काफी देर तक परिजनों को समझाते रहे। कहा कि अन्य बच्चों की अच्छी परवरिश के बारे में सोचो। उनकी भी देखभाल करनी है। इसके बाद ही वे पोस्टमार्टम को राजी हुए।
दो की सांस चल रही थी। उन्हें दूसरी पुलिस जीप से निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां दो घंटे बाद उनकी भी मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। नगला नत्थू निवासी सुरेश चंद्र की तीन बेटियां मुस्कान (18), दिव्या (15), संध्या उर्फ कंचन (12), चचेरी बहन नैना (14) पुत्री दिनेश और चचेरा भाई दीपेश (14) पुत्र राजकपूर गांव के पास यमुना में नहाने गए थे।

जालेश्वर रोड स्थित नगला रामबल निवासी अशोक कुमार की बेटी शिवानी (17) और टेढ़ी बगिया निवासी अशोक की बेटी सोनम (12) भी अपने मामा सुरेश चंद्र के घर आई थीं। मुस्कान की हमउम्र शिवानी बुआ है। ये दोनों भी उनके साथ थीं। दीपेश ने बताया कि करीब साढ़े दस बजे यमुना में नहाते समय मुस्कान और शिवानी गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। अन्य लड़कियों और दीपेश ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। सभी छह लड़कियां गहरे पानी में डूब गईं। दीपेश किसी तरह बाहर आया और चिल्लाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उनमें से तैराक नदी में कूद गए। आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने लड़कियों को नदी से बाहर निकाल लिया।
इस बीच घटना की सूचना सिकंदरा पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गई। सिकंदरा थाने की जीप आ गई। पुलिस चारों लड़कियों मुस्कान, दिव्या, संध्या और नैना को लेकर एसएन इमरजेंसी पहुंची। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, घटनास्थल पर ही शिवानी और सोनम के पेट से पानी निकाला गया तो उनकी सांसें चल रही थीं।

